सफलता का तुम काल बनो..

 कविता...

सफलता का तुम काल बनो।

तुम कलम पकड़ कलाम बनो।।


लिखो दिनकर महादेवी सी वाणी।

तुम जगत के तारण हार बनो।।


हो घोर अंधेरा तो क्या दिक्कत।

तुम सूर्य का प्रकाश बनो।।


और तब तक चलते जाना पथ पर।

जब तक न तुम लक्ष्यवाण बनो।।


संघर्ष करो तुम, चलते रहो।

जब तक न जग में महान बनो।।


सफलता का तुम काल बनो।

तुम कलम पकड़ कलाम बनो।।

लेखक – M Ok Ayan (कश्फ)




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